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    प्रश्न--ओशो पुराने जमाने में यह प्रेम की बातें कम थीं और मैरिज का तो अरेंजमेंट होता था, और ऐसा विवाह करने के बाद भी परिवार बड़े परिवार में दबे हुए और कंट्रोल में रहते थे, और बहुत से सामाजिक तथा अन्य बंधन थे। तो इस तरह के लोग इसे समझ भी नहीं सकते थे।-- तो अब तो वही जमाने।

    Question-Osho-in-the-olden-days-these-talks-of-love-were-less-and-marriages-were-arranged-and-even-after-such-a-marriage-the-families-were-suppressed-and-controlled-in-a-big-family-and-there-were-many-social-and-other-bonds-So-people-like-this-couldnt-even-understand-it-So-now-that-time


    प्रश्न--पुराने जमाने में यह प्रेम की बातें कम थीं और मैरिज का तो अरेंजमेंट होता था, और ऐसा विवाह करने के बाद भी परिवार बड़े परिवार में दबे हुए और कंट्रोल में रहते थे, और बहुत से सामाजिक तथा अन्य बंधन थे। तो इस तरह के लोग इसे समझ भी नहीं सकते थे।-- तो अब तो वही जमाने। 

    ओशो--बिलकुल ठीक कहते हैं कि आप। हमारे सारे ढांचे बांधते हैं, लेकिन कोई भी अगर प्रयोग करना चाहे, तो कोई ढांचा बांधता नहीं है। आज भी हम सब एक ही समाज के ढांचे में जीते हैं, फिर भी हमारे अनुभव अलग-अगल होते हैं, और हमारे बीच भी कोई आदमी डी. एच. लारेंस का अनुभव करता है। सेक्स पर गहरे से गहरे प्रयोग करता है, जैसे कि साधारण आदमी नहीं करता। हमारे बीच भी, हमारे समाज में भी कोई आदमी सेक्स पर गहरे प्रयोग करता है। कोई आदमी रंगों पर गहरे प्रयोग करता है, तो पेंटर हो जाता है। हम भी रंग देते हैं, लेकिन हम सब पेंटर नहीं हैं। और शायद जब हम देखते हैं हरा रंग, तो हमें हरा रंग ही दिखाई पड़ता है। पर जब एक पेंटर देखता है तो एक हरे में पचास भेद उसे दिखाई पड़ते हैं। उसके हरे का अनुभव हमारे हरे के अनुभव से बहत भिन्न है। उसके हरे का बोध भी हमसे बहुत भिन्न है। उसके हरे पैनीट्रेशन भी हमसे बहत भिन्न है। वह जैसा हरे को जानता है, हम नहीं जानते हैं, क्योंकि हम हरे के पास से सिर्फ गुजर जाते हैं। वह हमारा जानना नहीं है। हरे में न हम कभी डूबे हैं, न कभी जिए हैं, न कोई प्रयास किया है कि हम हरे की गहरी अनुभूति में उतर जाए। रंग से हमारा कहीं वास्ता नहीं, जैसा कि कभी कोई चित्रकार उतरता है। इसी तरह सेक्स से भी हमारा कोई वास्ता नहीं है। कभी कोई साधक उतरता है। सेक्स को भी कोई साधना की तरह ले, तभी उतरता है, नहीं तो नहीं उतरता है। 

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