प्रश्न--क्रिश्चियनिटी के पीछे तो ईसा खड़े हैं न?
प्रश्न--अस्पष्ट है।
ओशो--आदमी प्रकृति की हर चीज में विकास कर रहा है। जहां तक प्रकृति का, बायोलाजी का संबंध है, सेक्स प्रिपरेशन के लिए, लेकिन आदमी हर चीज के कल्चर ले आया है, और लाना चाहिए, और उसने सेक्स को प्लेजर भी बनाया है। यह आदमी की खूबी है, जानवर की खूबी नहीं है। आर्टीफीशियल नहीं है। क्रिएटेड नहीं है यह। यह एव्यूलूशन है, यह विकास है। आदमी के माइंड ने सेक्स की बायोलाजी ने मुक्ति पायी है और ऊपर उठाया है सेक्स को। जानवर भी खाना खा रहा है। आदमी का विकास है इसमें। तो ईसाई मिशनरियों ने इतना काम किया है कि हमारे मान्यता के पीछे पड़ गए हैं। क्योंकि हम परिचित नहीं होते हैं। हम तो क्रिश्चियनिटी से समझते हैं बाइबिल। जैसे कोई समझ ले कि हिंदू धर्म का मतलब है वेद। तो है क्या वेद में? बाइबिल तो ओरिजनल है। लेकिन पिछले दो हजार सालों में इतनी साधना की है क्रिश्चियनिटी ने, जिसकी हम कल्पना ही नहीं कर सकते।
प्रश्न--क्रिश्चियनिटी के पीछे तो ईसा खड़े हैं न?
ओशो--ईसा का बहुत विज्ञान है और ईसा महा साधकों में से है। वह साधारण साधक नहीं हैं। बल्कि मेरा मानना है कि वे न केवल साधक हैं बल्कि क्रांतिकारी भी हैं। जैसे मैं एक विचार फैलाता हूं, जिससे तुमको डर है कि नुकसान होगा। तो तुम मेरे खिलाफ विचार फैलाओ, इसकी स्वतंत्रता तुम्हें भी है। राज्य न मुझे रोके, न तुम्हें रोके। यह राज्य का सवाल नहीं है। निरपेक्षता का मतलब यह होगा; नहीं तो बदमाशी है। नहीं तो जैसा तुम कहते हो, हो सकता है कि ईसाई पालिटिक्स फैलाए, यह बिलकुल पालिटिक्स है। लेकिन यह हिंद की है, इसलिए दिखाई नहीं पड़ती। यह जनसंधी की है, इसलिए दिखाई नहीं पड़ती। और ईसाई के साथ है, लेकिन तुम नुकसान पहुंचा सकते हो कि तुम्हारी मेजारिटी है। तुम मिशनरी को रोक सकते हो, और अभी दरव्यवहार हुआ है, ईसाई के साथ हो रहा है। हम भी तो पालिटिक्स कर सकते हैं, कर रहे हैं पूरी तरह से। मेरा कहना है, राज्य न हिंदू है, न ईसाई है, न जैन है, न नास्तिक है--राज्य को इससे कोई प्रयोजन नहीं है। निरपेक्षता का यही मतलब है। राज्य कहे कि जो हिंदू को ठीक लगता है, वह समझाए। जो मुसलमान को ठीक लगता है, वह समझाए। अगर मुसलमान की बात ठीक समझ कर हिंद मुसलमान हो जाए, तो हो जाए। राज्य को क्या लेना-देना है? राज्य इस मामले में कोई प्रयोजन नहीं रखता। मगर हिंदू होने आता है, हिंदू मेजारिटी है, तो हिंदू अपनी राजनीति चला सकता है।
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