वास्तुशास्त्र - अपार्टमेंट का निर्माण करवाते समय इन 8 बातों का ख्याल रखने से होते हैं बड़े फायदें
अपार्टमेंट का निर्माण करवाते समय इन 8 बातों का ख्याल रखने से होते हैं ये बड़े फायदें
अपार्टमेंट
हर एक अपार्टमेंट के निर्माण में भी वास्तु की आवश्यकता होती है जिसमे निम्न बातों का ख्याल रखें.
- हर एक अपार्टमेंट के दो द्वार होते हैं। पूर्वी शेड वाले अपार्टमेंट को पूर्व ईशान्य में एक और पूर्व आग्नेय में और एक द्वार होना होगा। पूर्व तथा पश्चिमी रोडवाले अपार्टमेंट के लिए पूर्व में एक द्वार और पश्चिम में और एक द्वार होना होगा। अपार्टमेंट के "ग्रौन्ड फ्लोर' अथवा 'सेल्लार' में द्वार आदी नहीं बनाना है।
- अपार्टमेंट के ईशान्य में नल का गड्डा होना चाहिए।
- अपार्टमेंट के पश्चिम तथा दक्षिणी दीवारें मजबूत होना चाहिए। पूरब तथा उत्तर की दीवारें कुछ पतली हों तो भी कुछ परवाह नहीं। यथा साध्य उत्तर तथा पूर्व में कुछ ज्यादा खाली जगह चाहिए।
- यथा संभव 'लिफ्ट 'दक्षिण एवं पश्चिम में नहीं होना चाहिए। बीच में या उत्तर पूर्व में लिफ्ट का होना मंगलमय सिद्ध हुआ है।
- सीढियाँ पूरे स्थल के ईशान्य, नैरुति, पूर्व तथा उत्तरी हिस्सों में छोडकर अन्य स्थलों में बनाना चाहिए। पश्चिम अथवा दक्षिणी सीढियों से उच्च कोटि के फल प्राप्त होते हैं।
- अपार्टमेंट के हर एक फ्लाट में ईशान्य लोप हुए बिना ईशान्य में दरवाजें रखने से अच्छे फल प्राप्त होते हैं। मुख्य द्वार अथवा ज्यादा बरताव होने वाला द्वार उच्च में ही होना चाहिए। अर्थात पूर्वी रोड वाले अपार्टमेंट को पूर्वी ईशान्य में मुख्य द्वार रखना चाहिए।
- दूसरे द्वार को पूरे आग्नेय में न रखकर पूर्वी हिस्से में रखलेना अच्छा होगा। अगर पूर्वी आग्नेय में ही रखना हो, तो ईशान्य के द्वार से भी कुछ छोटा द्वार रख सकते हैं। याद रहें कि हर एक को ईशान्य द्वार से ही चलना है और आग्नेय द्वार को ताला लगाना है दक्षिणी रोड वाले अपार्टमेंट को दक्षिण आग्नेय में मुख्य द्वार रखकर दूसरा द्वार दक्षिण में रखलेना चाहिए। सुविधा के न होने पर दक्षिण नैरुति में कुछ जगह छोडकर रखलेना चाहिए। लेकिन इसे ताला लगायें तो बहुत अच्छा होगा।
- पश्चिम रोड वाले अपार्टमेंट को पश्चिम वायुव्य में एक मुख्य द्वार तथा पश्चिम में दूसरा द्वार रखना चाहिए। यदि सुविधा न हो तो पश्चिम नैरुति में कुछ जगह छोडकर रख सकते हैं। इस द्वार को ताला लगाकर रखना अच्छा होगा।
- उत्तर रोडवाले अपार्टमेंट को उत्तर ईशान्य में एक मुख्य द्वार तथा उत्तर में दूसरा द्वार रखलेना चाहिए। सुविधा न हो तो उत्तर वायव्य में कुछ जगह छोडकर रख लें। लेकिन इस द्वार को ताला लगा कर रखना न भूलें।
सुचना:- वास्तु युक्त अपार्टमेंट में मेंटेनेन्स एक्सपेन्सेस कम होंगे। इसका "वाचमेन"ठीक तरह से अपना फर्ज निभायेंगा। फलाट वालों को नहीं सतायेगा। अन्य कर्मचारी भी ठीक तरह काम करके अपार्टमेंट को साफ सुथरा रखेंगे। अपार्टमेंट के गौंड फ्लोर में बनाये गये वाचमेन के कमरे का दरवाजा भी ईशान्य में रखना होगा। फलत: वाचमैन सबकी भलाई चाहने वाला तथा सच्चरित्र रहेगा।


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