अंग्रेज पर्यटक और कुतुबमीनार
अंग्रेज पर्यटक और कुतुबमीनार
एक शेखीखोर अमेरिकन जब भारत आया तो यहाँ के दर्शनीय स्थल देखने पहुँचा। ताज की भव् देखी तो उसने गाइड से पूछा - इसे बनाने में कितना समय लगा था ?
गाइड ने जवाब दिया- बीस बरस !
अमेरिकन बोला- बीस बरस सुस्ती के कारण लगे होंगे। हमारे यहाँ तो यह चीज चार साल में तैयार हो जाती ।
जब ये लोग लाल किले पर पहुँचे तो वहाँ भी उसने यही प्रश्न पूछा । गाइड के जवाब पर उसने भ कहा- हमारे यहाँ तो यह चीज पाँच साल में बनकर खड़ी हो जाती ।
गाइड यह सुनकर चिढ रहा था। उबल रहा था। जब अमेरिकी पर्यटक के साथ अगले दिन वह कुतुब मीनार पर पहुँचा तो पर्यटक ने पूछा- 'यह इतना ऊँचा टॉवर क्या चीज है?
गाइड ने शान से सीना तानकर कहा- पता नहीं हुजूर, यह क्या है? परसों शाम जब मैं इधर से था, यहाँ कुछ भी नहीं था। सपाट मैदान था यहाँ पर, आपकी कसम !

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