प्रश्न--ओशो क्या आप इससे आगाह हैं कि वैचारिक स्थिरता अगर आ गयी तो हमारे नौजवान पाश्चात्य विचारों में दीक्षित हो जाएंगे?
प्रश्न--अभी जो संघर्ष की बात विचार के तल पर आप कह रहे हैं तो वह तो पकड़ ली जाएगी न? और संघर्ष होगा तथा फेमिली में भी संघर्ष होगा?
ओशो--करना ही पड़ेगा। फेमिली हमारी बहुत जड़ता का हिस्सा है। यहां संघर्ष जरी है और बेटा जब आप से लड़ना बंद कर देता है विचार के तल पर, तो समाज गतिमान नहीं होता वह बाप यही करता है, लेकिन बेटे को डिक्टेशन लेना बंद करना पड़ेगा। क्योंकि बेटा बिलकुल आदमियत खो रहा है। तो मुश्किल है। बेटे को मैं तैयार करने की कोशिश में लगता हूं कि वह बेटा विक्टेशन लेना बंद करे।
प्रश्न--क्या आप इससे आगाह हैं कि वैचारिक स्थिरता अगर आ गयी तो हमारे नौजवान पाश्चात्य विचारों में दीक्षित हो जाएंगे?
ओशो--मैं मानता ही यह हं कि अब दुनिया पश्चिम और पूरब में बटी नहीं रह सकती। यह धारणा ही गलत है। अब दुनिया बटी नहीं रह सकती। अब दुनिया एक होगी और इस एक होने में कुछ पूरब का पश्चिम में जाएगा, कुछ पश्चिम का पूरब में आएगा।
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